chronic pancreatitis
क्रोनिक पैंक्रिअटिटिस अग्न्याशय की एक दीर्घकालिक (लंबे समय तक चलने वाली) सूजन की स्थिति है। सामान्य भाषा में समझें तो अग्न्याशय हमारे पेट के पीछे स्थित एक ग्रंथि है, जो की हमारे भोजन को पचाने में जरूरी एंजाइम को बनाती है, साथ ही इंसुलिन हार्मोन भी बनाती है, जो रक्त में शर्करा के लेवल को कण्ट्रोल करते हैं। जब इस अंग में बार-बार सूजन होती है, तो समय के साथ इसकी कोशिकाओं को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। यह क्षति धीरे-धीरे होती है और अक्सर इतनी धीमी होती है कि व्यक्ति को शुरुआती दौर में इसका पता ही नहीं चलता। एक्यूट पैंक्रिअटिटिस (अचानक होने वाली सूजन) से यह इसलिए अलग है क्योंकि यहां सूजन बार-बार होती है और अंग को स्थायी रूप से प्रभावित करती है।
यह शरीर को कैसे प्रभावित करता है?
जब अग्न्याशय में बार-बार सूजन होती है, तो इसकी सामान्य संरचना और कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। स्वस्थ अग्न्याशय ऊतक धीरे-धीरे रेशेदार (fibrous) ऊतक में बदलने लगते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में फाइब्रोसिस कहा जाता है। इस प्रक्रिया के कारण अग्न्याशय की एंजाइम बनाने की क्षमता कम होने लगती है, जिससे भोजन का पाचन ठीक से नहीं हो पाता।
इसके साथ ही, इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जिससे रक्त शर्करा नियंत्रण में कठिनाई आ सकती है। समय के साथ यह स्थिति अंग की संरचना में स्थायी बदलाव ला सकती है, जिसे वापस पहले जैसा नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि इस स्थिति को गंभीरता से समझना और समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण होता है।
मुख्य कारण?
हर व्यक्ति में कारण अलग -अलग होता है।
लंबे समय तक अत्यधिक शराब का सेवन इस स्थिति का सबसे आम कारण माना जाता है। लगातार वर्षों तक अधिक मात्रा में शराब का सेवन अग्न्याशय की कोशिकाओं को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।
जेनेटिक (आनुवंशिक) कारण भी इस स्थिति में भूमिका निभा सकते हैं। कुछ लोगों में परिवार में यह स्थिति पहले से मौजूद होने के कारण जोखिम बढ़ जाता है।
बार-बार होने वाला एक्यूट पैंक्रिअटिटिस भी समय के साथ क्रोनिक रूप ले सकता है, यदि सूजन बार-बार होती रहे और अंग को ठीक होने का पर्याप्त समय न मिले।
पित्ताशय की पथरी (गॉलस्टोन) से जुड़ी समस्याएं भी कभी-कभी इस स्थिति में योगदान दे सकती हैं।
ऑटोइम्यून स्थितियां, जिनमें शरीर की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय पर हमला करने लगती है, भी इसका एक कारण हो सकती हैं।
कुछ मामलों में डॉक्टर स्पष्ट कारण नहीं बता पाते, जिसे इडियोपैथिक पैंक्रिअटिटिस कहा जाता है।